6.2 Lifecycle Hooks
6.2 Lifecycle Hooks
🎯 Objective (इस लेसन का मक़सद)
इस लेसन को पूरा करने के बाद आप:
- समझ पाएंगे कि Lifecycle Hooks क्या होते हैं।
- Pre-Tool Hooks से खतरनाक कमांड्स को ब्लॉक करना सीखेंगे।
- Post-Tool Hooks से फाइल बदलते ही अपने-आप Prettier / ESLint चलवाना सीखेंगे।
💡 Real-Life Analogy (आसान मिसाल)
मिसाल (एयरपोर्ट सिक्योरिटी चेक & सैनिटाइजेशन):
- Pre-Hook (फ्लाइट पर चढ़ने से पहले): गार्ड चेक करता है कि आपके पास कोई खतरनाक सामान तो नहीं है। अगर है, तो रोक देता है।
- Post-Hook (उतरने के बाद): कन्वेयर बेल्ट आपके बैग को सैनिटाइज करके आपको सौंपती है।
Lifecycle Hooks कोडिंग में बिल्कुल यही काम करते हैं!
📖 Key Terms & Glossary (ज़रूरी शब्द)
| Term (शब्द) | Simple Meaning (आसान मतलब) | Example (मिसाल) |
|---|---|---|
| Pre-Tool Hook | AI द्वारा कोई कदम उठाने से ठीक पहले चलने वाली स्क्रिप्ट | खतरनाक कमांड रोकना |
| Post-Tool Hook | फाइल बदलने के तुरंत बाद चलने वाली स्क्रिप्ट | Prettier चलाना |
| Linter / Formatter | कोड के स्पेस और स्टाइल को साफ करने वाला टूल | prettier --write |
| Guardrail | गलती से कोई फाइल डिलीट होने से रोकने वाला नियम | ब्लॉक DROP TABLE |
⚙️ Hooks कैसे काम करते हैं?
[ यूज़र प्रॉम्प्ट: "auth controller अपडेट करो" ]
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[ Pre-Hook Check ] ────> क्या कोई सीक्रेट की या खतरनाक कमांड तो नहीं? (Pass ✅)
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[ Claude Edits File ] ─> `src/controllers/auth.js` में कोड बदल गया
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[ Post-Hook Action ] ──> अपने आप चल गया: `npx prettier --write src/controllers/auth.js`
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[ Final Output ] ──────> बिल्कुल साफ और सुरक्षित कोड तैयार!🛠️ ऑटो-फॉर्मेटिंग पोस्ट-हुक का उदाहरण
अपने .claude/hooks/ फोल्डर में स्क्रिप्ट जोड़ें:
# .claude/hooks/post-file-edit.sh
#!/bin/bash
FILE_PATH=$1
# अगर JS/TS फाइल बदली है तो Prettier चलाएं
if [[ "$FILE_PATH" == *.js || "$FILE_PATH" == *.ts || "$FILE_PATH" == *.jsx ]]; then
echo "🧹 Running Prettier on $FILE_PATH..."
npx prettier --write "$FILE_PATH"
fiअब जब भी Claude Code कोई फाइल एडिट करेगा, कोड अपने-आप फॉर्मेट हो जाएगा!
⚠️ Common Mistakes & Pro Tips (बचने वाली गलतियाँ)
- ❌ गलती: Pre-hook में बहुत भारी स्क्रिप्ट लगा देना जिससे हर बार 10 सेकंड का इंतज़ार करना पड़े।
- ✅ Pro Tip: हुक स्क्रिप्ट्स को हमेशा बहुत तेज़ और हल्का रखें।
📝 Practice Challenge (खुद सोचें)
- सोचें अगर गिट में कमिट होने से पहले ऑटो-लिंटर हुक लग जाए, तो क्या कोड हमेशा साफ रहेगा?
- पोस्ट-हुक में टेस्ट्स चलवाना क्यों फायदेमंद है?
📌 Quick Revision Summary (मुख्य बातें)
- Pre-hooks काम करने से पहले चलते हैं (सुरक्षा के लिए)।
- Post-hooks काम खत्म होने के बाद चलते हैं (फॉर्मेटिंग और लिंटिंग के लिए)।
- इससे कोड की क्वालिटी अपने-आप बेहतर बनी रहती है।
🧭 Next Steps & Navigation
- ⬅️ पिछला Lesson: 6.1 Claude Code with MCP
- ➡️ अगला Lesson: 6.3 Plugins & Ecosystem
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