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5.6 Long-Term vs Short-Term Investing

🎯 इस सबक का मक़सद (Learning Objectives)

  • 1 साल, 5 साल और 15 साल के निवेश के नतीजों का अंतर समझना।
  • शेयर बाज़ार में 7+ साल बने रहने पर घाटे का रिस्क लगभग 0% क्यों हो जाता है, यह जानना।
  • शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग और F&O (फ्यूचर्स और ऑप्शंस) के घातक नुकसान से बचना।

📊 इक्विटी में होल्डिंग पीरियड और घाटे का जोखिम (निफ्टी 50 का 25 साल का डेटा)

  [ निवेश की अवधि ]             [ घाटे की संभावना (Probability of Loss) ]
  • 1 दिन                       :  ~45% (सिक्का उछालने जैसा जुआ)
  • 1 साल                       :  ~25%
  • 5 साल                       :  ~6%
  • 7+ साल                      :  0% (ऐतिहासिक रूप से भारतीय बाज़ार में कभी निगेटिव रिटर्न नहीं रहा!)

⚠️ आम गलतियाँ और काम के टिप्स

  • ट्रेडिंग को इन्वेस्टिंग समझना: SEBI की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक 93% रिटेल ट्रेडर्स F&O में अपनी पूरी पूंजी गंवा देते हैं।
  • 💡 Pro Tip: लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टिंग बहुत बोरिंग होती है—लेकिन यही बोरिंग आदत आपको करोड़पति बनाती है।

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