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6.10 Bonds and Government Securities (G-Sec)

🎯 इस सबक का मक़सद (Learning Objectives)

  • बॉन्ड्स (Bonds) और सरकारी सिक्योरिटीज (G-Sec) के काम करने के तरीके को समझना।
  • भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी वाले सुरक्षित बॉन्ड्स में 7-8% फिक्स ब्याज पाना।
  • RBI Retail Direct पोर्टल के ज़रिए सीधे बिना किसी ब्रोकरेज के बॉन्ड्स खरीदना।

💡 रोज़मर्रा की ज़िंदगी की मिसाल (Real-Life Analogy)

जब सरकार को नए हाईवे, एम्स अस्पताल या रेलवे ट्रैक बनाने होते हैं, तो सरकार आम जनता से क़र्ज़ मांगती है। सरकार कहती है: “आप मुझे ₹10,000 उधार दें, मैं आपको हर 6 महीने में 7.5% ब्याज दूँगा और 10 साल बाद आपके ₹10,000 वापस कर दूँगा।” इस सरकारी वादे और कागज़ को G-Sec (सरकारी बॉन्ड) कहते हैं। सरकार के डिफ़ॉल्ट होने का चांस 0% होता है।


📖 ज़रूरी अल्फ़ाज़ और मतलब (Glossary)

लफ़्ज़ (Term) आसान मतलब (Simple Meaning)
Coupon Rate बॉन्ड पर मिलने वाला सालाना तय ब्याज (जैसे 7.35% प्रति वर्ष)।
Maturity Date वह तय तारीख जिस दिन आपका पूरा मूलधन वापस लौटा दिया जाता है।
Treasury Bills (T-Bills) 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन के अल्पकालिक सरकारी बॉन्ड्स।
RBI Retail Direct RBI का आधिकारिक पोर्टल जहाँ आम नागरिक सीधे सरकारी बॉन्ड खरीद सकते हैं।

📊 G-Sec बॉन्ड्स बनाम बैंक FD

पैमाना सरकारी बॉन्ड (G-Sec) बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
सुरक्षा 100% सॉवरेन गारंटी (असीमित रकम) DICGC इंश्योरेंस केवल ₹5 लाख तक
अवधि (Tenure) 1 साल से लेकर 40 साल तक अधिकतम 10 साल
ब्याज भुगतान हर 6 महीने में सीधे बैंक खाते में मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर
ब्रोकरेज / फीस RBI पोर्टल पर 0% (एकदम मुफ्त) बैंक के नियम अनुसार

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